उत्तराखंड

मसूरी में उत्तराखंड के भारी बारिश के बाद मौसम हुआ साफ, चटक धूप के साथ मौसम हुआ सुहावना, 

मसूरी में उत्तराखंड के भारी बारिश के बाद मौसम हुआ साफ, चटक धूप के साथ मौसम हुआ सुहावना, 
 सुनील सोनकर

मसूरी

19 अक्टूबर
18 अक्टूबर को मौसम विभाग के अलर्ट के बाद पहाडो की रानी मसूरी में दिनभर बारिश होती है वहीं 19 अक्टूबर को मौसम पूरी तरीके से साफ हो गया।

मंगलवार को चटक धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई वह मसूरी में मौजूद पर्यटन सुहावने मौसम का जमकर लुफ्त उठाते हुए नजर आए।

मसूरी में बारिश होने के बाद किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। मसूरी माल रोड क ेसाथ मसूरी कंपनी गार्डन, गनहिल, लाल टिब्बा, कैम्पटी फाल आदि पर्यटन स्थलों पर पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ सुहावने मौसम का जमकर लुफ्त उठाते हुए

 

नजर आए। स्थानीय व्यापारी आशीष गर्ग और एके सिंह ने बताया कि पिछले 2 दिनों की बारिश के अलर्ट के बाद मसूरी में पर्यटकों की आमद कम हुई है परंतु मंगलवार को मौसम पूरी तरीके से साफ हो गया और धूप होने से मौसम काफी सुहावना हो गया है

जिससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटक जमकर लुफ्त उठा रहे हैं उन्होंने कहा कि जहां पूरे उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद काफी तबाही मची है वही मसूरी पूरी तरीके से सुरक्षित है यहां पर कोई नुकसान नहीं हुआ है।

18 अक्टूबर को दिन भर हल्की बारिश रही जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई जिससे मसूरी में एकाएक ठंड बढ गई थी जिसके बचने के लिये लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड रहा था।

उन्होंने लोगों से उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों में बारिश के कारण हुए नुकसान वह आपातकालीन स्थिति को देखते हुए एक दूसरे की मदद करने की अपील की है।


वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुमाऊं मंडल में हुई बारिश के बाद हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए हेलीकॉप्टर से आपदा ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर वार्ता कर प्रदेश में हुए नुकसान के बारे में वार्ता की वह हर संभव मदद करने का भी आश्वासन दिया गया है।

पुष्कर सिंह धामी द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचाव कार्य में तेजी लाई जाए इसको लेकर एनडीआरएफ एसडीआरएफ जिला प्रशासन पुलिस संयुक्त रूप से काम कर रही है जिससे कि आपदा से प्रभावित लोगों की जल्द से जल्द मदद हो सके।

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