उत्तराखंड

मसूरी में घूमघाम के साथ मनाया गया महर्षि वाल्मीकि मंदिर का स्थापना दिवस

मसूरी में घूमघाम के साथ मनाया गया महर्षि वाल्मीकि मंदिर का स्थापना दिवस
 सुनील सोनकर
मसूरी

19 अक्टूबर

लाइब्रेरी कैम्पटी रोड स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर का स्थापना दिवस घूमघाम के साथ मनाया गया इस अवसर पर मंदिर के पुजारी ने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर हवन किया वह सभी लोगों के द्वारा मनोनीत मांगी गई।

 

इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसको वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ शहर के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

मंदिर समिति के संयोजक निरंजन लाल वाल्मीकि ने बताया कि महर्षि वाल्मीकि मंदिर के स्थापना को 18 वर्ष हो गए हैं और प्रत्येक वर्ष यहां पर हवन पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है साथ ही भंडारे का भी आयोजन होता है ।

 

उन्होने बताया कि हर साल मसूरी में मंदिर के स्थापना दिवस पर विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया जाता था परन्तु पिछले दो सालों से कोरोना को लेकर शोभा यात्रा नहीं निकाली जा रही है

इस वर्ष भी मसूरी में मंदिर स्थापना दिवस व वाल्मीकि जयंती कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए मनाई जा रही है उन्होंने बताया कि महर्षि वाल्मीकि भगवान की डोली मंदिर से अम्बेडकर चौक तक निकाली जायेगी।

सोनू सूद ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना कर इतिहास रचा। भारतीय संस्कृति के लिए रामायण बहुत महत्वपूर्ण है।

हम सभी को समाज की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर समाजसेवी पंडित मनीष गौनियाल ने कहा कि वे वाल्मीकि समाज के लोगों द्वारा कोरोना काल में फ्रंट लाइन में आकर देश की सेवा की है जिसके लिये पूरा देश सभी स्वच्छता कर्मचारियों के साथ वाल्मीकि समाज ऋणी है।

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