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हिमाचल प्रदेश

अपनी मांगों के समर्थन में राजकीय आर्य महाविद्यालय नूरपुर के प्राध्यापक भूख हड़ताल पर बैठे

अपनी मांगों के समर्थन में राजकीय आर्य महाविद्यालय नूरपुर के प्राध्यापक भूख हड़ताल पर बैठे

नूरपुर

भूषण शर्मा

23 मई

 


अपनी मांगों के समर्थन में राजकीय आर्य महाविद्यालय नूरपुर के प्राध्यापक भूख हड़ताल पर बैठेयूजीसी वेतनमान लागू करने की जल्द अधिसूचना की मांग कीराजकीय आर्य महाविद्यालय की राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एच जी सी टी ए) की स्थानीय इकाई के सभी सदस्य राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे। इन मांगों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करना, महाविद्यालय प्राचार्य पद के लिए पदोन्नति प्रक्रिया की पूर्णता, एम.फिल पीएच.डी की वेतनवृद्धि को बहाल करना , हिमाचल लोक सेवा आयोग द्वारा नियुक्त किए गए प्राध्यापकों के अनुबंध काल को वित्तीय लाभ एवं वरिष्ठता सूची में स्थान , महाविद्यालय में विश्वविद्यालय आयोग के नियमानुसार आचार्य के पद का सृजन करना इत्यादि शामिल हैं।


पर्ल बक्शी ने बताया की हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ की केंद्रीय कार्यकारिणी ने अपनी मांगों के बारे में लगभग 2 सालों से विभिन्न माध्यमों से शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के निर्वाचित प्रतिनिधियों, मंत्रियों एवं मुख्यमंत्री को अवगत करवाया किंतु आज दिन तक हमारी किसी भी उचित मांग को पूरा नहीं किया गया। यहां तक कि अन्य विभागों के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को सातवें वेतनमान की सिफारिशें जनवरी 2022 से लागू की गई हैं लेकिन प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के समस्त प्राध्यापकों को इस लाभ से भी वंचित रखा गया है । अत: हमें मांगों को सरकार के समक्ष रखने के लिए अनशन जैसे माध्यम को अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

डॉ अनिल कुमार ने बताया कि हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि सातवें वेतन आयोग व हमारी अन्य उचित मांगों को शीघ्रातिशीघ्र पूरा किया जाए। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती हमारा विरोध जारी रहेगा।उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के हाल ही में दिए गए इस वक्तव्य का पुरजोर स्वागत किया है कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के वेतनमान का लाभ देने के लिए पंजाब का इंतजार नहीं करेगी। उन्होंने प्रदेश सरकार को यूजीसी वेतनमान को जल्द लागू करने की मांग की है।

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