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राज्य

वीर सैनिकों से अनुशासन, समर्पण और प्रतिबद्धता की सीख लें युवा : राकेश पठानिया

वीर सैनिकों से अनुशासन, समर्पण और प्रतिबद्धता की सीख लें युवा : राकेश पठानिया

नूरपुर

भूषण शर्मा

26  जुलाई 
वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश वीरों की भूमि है। प्रदेश के नौजवानों ने तन व मन से फौज और अर्ध-सरकारी सैन्य बलों में भर्ती होकर देश की सेवा की है। उन्होंने सभी लोगों विशेषकर युवाओं से भारतीय सेना के वीर सैनिकों के जीवन से अनुशासन, समर्पण और प्रतिबद्धता की सीख लेने का आह्वान किया है।
आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के बौड जाछ में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
वन मंत्री ने कहा कि भारत के वीर सैनिक एक लक्ष्य को लेकर कठिन परिस्थितियों में भी दुर्गम क्षेत्रों में अपने प्राणों व परिवार की परवाह किये बिना देश की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। हम सभी को उनकी बहादुरी से जीवन के लिए सबक लेना चाहिए।
इस मौके पर राकेश पठानिया ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प चढ़ाकर कर श्रद्धाजंलि अर्पित की।
वन मंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है। उन्होंने कहा 3 मई, 1999 को शुरू होने वाला कारगिल युद्ध आज के ही दिन यानि 26 जुलाई, 1999 को समाप्त हुआ था। इस यु़द्ध में हमारी बहादुर सेना ने दुश्मनों को खदेड़ कर तिरंगे की शान को और ऊंचा किया था। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हम उन शूरवीर सैनिकों को शत-शत नमन करते हैं जिन्होंने भारतवर्ष की अखंडता व अस्मिता बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहूति दी।
उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सशक्त नेतृत्व का भी जिक्र किया एवं उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कारगिल युद्ध के समय शहीद सैनिकों की पूरे राजकीय सम्मान के साथ अन्तेष्टि की व्यवस्था के निर्देश दिए थे। उन्होंने राज्य सरकारों को भी निर्देश दिये थे कि शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 जुलाई के विजय दिवस के दिन पर पूरे भारतवर्ष में विशेष आयोजन कर वीर सैनिकांे की पुण्य स्मृतियों को नमन करने की उदात परंपरा को बल दिया है। आज पूरे देश में पूरे जोश व सम्मान के साथ कारगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है।
राकेश पठानिया ने कहा कि शहीद सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों तथा सेवारत सैनिकों तथा स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा राष्ट्र को दी गई सेवाओं के लिए समस्त प्रदेशवासी उनके कृतज्ञ हैं। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी, भूवपूर्व सैनिक तथा उनके परिजन सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें, इसके लिए प्रदेेश सरकार ने अनेेक योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहीदों के आश्रितों को करूणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान कर रही है।

इस दौरान वन मंत्री ने देश की रक्षा में जीवन अर्पण करने वाले शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने शहीद संतोख सिंह की पत्नी वीरनारी तजिंदर कौर, शहीद लखबीर के भाई जसबीर सिंह , शहीद जगजीत सिंह के भाई नायक जगतार सिंह , ऑर्डनरी कैप्टन जोगिंदर सिंह, सिपाही सरदार सिंह वीर चक्र, हवलदार रमेश पठानिया, नायक रच्छपाल सिंह को सम्मानित किया।
इस अवसर पर एस डी एम नूरपुर अनिल भारद्वाज , डी एफ ओ नूरपुर विकल्प यादव, एक्स ई एन पी डब्ल्यू डी जे एस राणा, एक्स ई एन आई पी एच कैप्टन अमित डोगरा, बी डी ओ रोहित शर्मा, मण्डलाध्यक्ष कुलदीप पाठक, कर्नल रविन्द्र सिंह सम्बयाल ( वीर चक्कर ) विजेता , कर्नल दर्शन सिंह मनकोटिया, कैप्टन रजिंदर शर्मा के अलावा काफी संख्या में आर्मी ऑफिसर व रिटायर्ड जवान तथा अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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