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कारगिल विजय दिवस

कारगिल विजय दिवस
धर्मशाला
ब्यूरो  रिपोट 
26 जुलाई 
 
सीमाओं पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का पूरा देश हमेशा ऋणी : सरवीन चौधरी
 
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने लिया राजकीय महाविद्यालय शाहपुर के ऑनलाइन वार्षिक समारोह में भाग
 
कहा….प्रतिस्पर्धा के दौर में कड़ी मेहनत कर हर चुनौती का करें सामना
 
जल जीवन मिशन के तहत जागरूकता गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना 
 
शाहपुर में लोगों की समस्याओं का किया निपटारा
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा कि
कारगिल विजय दिवस देश के लिए एक महत्वपूर्ण दिवस है। इसे उन वीर शहीद जवानों की स्मृति और सम्मान में मनाया जाता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देते हुए अपना वर्तमान देशवासियों के भविष्य के लिए बलिदान कर दिया। यह समारोह अन्य सभी तरह के समारोहों से अलग और विशेष महत्व रखता है।
सरवीन चौधरी आज शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर विश्रामगृह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बोल रही थीं।
इस मौके पर सरवीन चौधरी ने  शहीदों के चित्रों पर पुष्प चढ़ा कर  श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस दौरान शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि कोई भी युद्ध हथियारों के बल पर नहीं लड़ा जाता है, युद्ध लड़े जाते हैं साहस, बलिदान, राष्ट्रप्रेम व कर्त्तव्य की भावना से और हमारे देश व प्रदेश में इन जज्बों से भरे युवाओं की कोई कमी नहीं है। मातृभूमि पर सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानी भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, मगर इनकी यादें हमारे दिलों में हमेशा- हमेशा के लिए बसी रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में हमारे लगभग 528 से अधिक वीर योद्धा शहीद व 1300 से ज्यादा घायल हो गए, जिनमें से अधिकांश अपने जीवन के 30 वसंत भी नही देख पाए थे। इन शहीदों ने भारतीय सेना की शौर्य व बलिदान की उस सर्वोच्च परम्परा का निर्वाह किया, जिसकी सौगन्ध हर सिपाही तिरंगे के समक्ष लेता है।
  सरवीन चौधरी ने  कहा कि 25 मई से 26 जुलाई 1999 तक हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिमाचल के 52 रणबांकुरों ने शहादत पाई थी। इसमें कांगड़ा जिले के सबसे अधिक 15 जवान शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल देवभूमि भी है और वीरभूमि भी। कारगिल युद्ध में कुल चार परमवीर चक्र दिए गए। इनमें से दो हिमाचल प्रदेश के वीर सैनिकों के नाम रहे।उन्होंने कहा कि प्रथम परमवीर चक्र भी कांगड़ा  ज़िला के मेजर सोमनाथ शर्मा को दिया गया था।
सरवीन ने  कारगिल युद्ध के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सशक्त नेतृत्व का भी जिक्र किया एवं उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कारगिल युद्ध के समय शहीद सैनिकों की पूरे राजकीय सम्मान के साथ अन्तेष्टि की व्यवस्था के निर्देश दिए थे।
उन्होंने कहा कि शहीद सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों तथा सेवारत सैनिकों तथा स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा राष्ट्र को दी गई सेवाओं के लिए समस्त प्रदेशवासी उनके कृतज्ञ हैं। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी, भूवपूर्व सैनिक तथा उनके परिजन सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें, इसके लिए प्रदेेश सरकार ने अनेेक योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहीदों के आश्रितों को करूणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान कर रही है।
 
सरवीन ने लिया राजकीय महाविद्यालय  शाहपुर के ऑनलाइन वार्षिक समारोह में भाग
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है।  उन्होंने कहा कि राष्ट्र के उत्थान में शिक्षा की अहम भूमिका को भली भांति समझते हुए प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में ढ़ाचागत विकास पर बल दे रही है।
सरवीन आज राजकीय महाविद्यालय शाहपुर के वार्षिक समारोह के वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं।
सरवीन ने कहा कि विद्यार्थी काल में अनुशासन, परिश्रम की आदत बनानी चाहिये ताकि इसका लम्बे समय तक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए तथा उसी के आधार पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्ञान बढ़ाने के लिए पुस्तकों का अध्ययन जरूरी है इसके साथ ही महान लोगों की जीवनी के बारे में भी जानना जरूरी है इससे हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
  उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रतिस्पर्धा के दौर में कड़ी मेहनत कर हर चुनौती का सामना करने के लिए अपने आपको तैयार रखें। उन्होंने कहा कि आज के दौर में वही आगे बढ़ पाएगा, जिसमें प्रतियोगिता की भावना होगी एवं हर कला में परम्परागत होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ खेल तथा अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनसे नशे की बुराई से दूर रहने तथा अन्य बच्चों को भी इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने में भी शिक्षक अपना योगदान सुनिश्चित करें ताकि बच्चे देश तथा समाज का नाम रोशन कर सकें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बच्चों के भविष्य को देखते हुए मेधा प्रोत्साहन योजना अखंड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, मुख्यमंत्री वन मित्र योजना आरम्भ की गई हैं। उन्होंने बच्चों से इन सभी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि राजकीय महाविद्यालय शाहपुर प्रदेश का पहला ऐसा कॉलेज है जहाँ पर ऑनलाइन वार्षिक समारोह आयोजित किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कॉलेज प्रबंधन को बधाई दी।
इससे पूर्व, राजकीय  महाविद्यालय शाहपुर के प्राचार्य  आरती वर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा संस्थान की गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया।  उन्होंने बताया कि कोविड-19 के दौरान कॉलेज स्टाफ द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई के साथ-साथ अन्य कई गतिविधियां करवाई गईं।
जल जीवन मिशन के तहत जागरूकता वाहन को दिखाई हरी झंडी
इस अवसर पर सामाजिक अधिकारिता मंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत जागरूकता गाड़ी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत हर घर को नल से जल   के तहत नल लगाने तथा पानी का सरंक्षण करने के लिए भी जागरूक किया जायेगा।
सरवीन चौधरी ने सुनी समस्याएं
 इस दौरान सरवीन चौधरी ने शाहपुर में लोगों की समस्याओं को सुना। अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया तथा शेष समस्याओं के समाधान के लिए सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये।
इस अवसर पर मंडलाध्यक्ष प्रीतम चौधरी, महासचिव अमरीश परमार, पूर्व अध्यक्ष सतीश चौधरी, तिलक राज शर्मा, एडवोकेट दीपक अवस्थी, योगराज चड्ढा, अश्वनी चौधरी, चारु शर्मा, शुभ्रा गुप्ता, राजेंद्रा ठाकुर, अजय चौधरी, कमलेश ठाकुर, सुरेश रैना, विश्वजीत, अंजना, राधेश्याम, शाहपुर कॉलेज का स्टाफ, अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग सुमित कटोच, अशोक शर्मा, मोहिंदर, संजय अबरोल, सतीश, मदन शर्मा, जगदीश, सुरेश सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक मौजूद  थे।

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