राज्य

कारगिल की विजय भारतीय सेना की शौर्य गाथाः सतपाल सत्ती

कारगिल की विजय भारतीय सेना की शौर्य गाथाः सतपाल सत्ती
विजय दिवस के अवसर पर सत्ती ने शहीद सैनिकों को अर्पित किए श्रद्धा सुमन
ऊना,
ब्यूरो रिपोट 
26 जुलाई:
छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य पर आज जिला परिषद हॉल में शहीद सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश के वीर सैनिकों की बदौलत ही भारत ने 1999 का कारगिल युद्ध जीता था। वर्ष 1999 के युद्ध में पाकिस्तान पर विजय हासिल करने की याद में प्रतिवर्ष 26 जुलाई को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में देश के 527 से अधिक वीर योद्धा शहीद हुए थे जबकि 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक युद्ध में पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के भी 52 रणबांकुरों ने शहादत पाई थी। देश के इन शहीदों ने भारत के शौर्य व बलिदान की उस सर्वोच्च परंपरा का निर्वाह किया, जिसकी कसम हर सिपाही तिरंगे के समक्ष लेता है। सत्ती ने कहा कि भारत के सभी नागरिक उन सभी वीर सैनिकों के धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ उनकी शौर्य गाथा को सलाम करते हैं, जिसकी बदौलत हर युद्ध में भारतीय सेना ने दुश्मन को धूल चटाई है।
इस मौके पर भाजपा मंडलाध्यक्ष हरपाल सिंह गिल, भाजपा महामंत्री खामोश जैतक, युवा मोर्चा महामंत्री शुभम सैणी, जिला मीडिया प्रभारी विनय शर्मा, मंडी समिति के अध्यक्ष बलवीर सिंह बग्गा, खादी बोर्ड के निदेशक सागर दत्त भारद्वाज, जिला परिषद सदस्य अशोक धीमान, कर्नल डीपी बिष्ट, कर्नल कुलदीप, कर्नल तरसेम सिंह जसवाल, मेजर नानक चंद, कैप्टन चरणदास, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ संयोजक अनिल कुमार, साहिल बाली, विक्की सैणी व हेमंत सहोड़ उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button